सोमवार, 19 सितंबर 2011

गजल

गीतक आखर-आखर धारके मोन छैक

रीतक आखर-आखर धारके मोन छैक


लोक अपनेसँ विश्वासघात करैए मात्र

प्रीतक आखर-आखर धारके मोन छैक


हारि गेलासँ लाभे-लाभ हेबाक अवसर

जीतक आखर-आखर धारके मोन छैक


नहि देखबिऔक डर आगिक धाह केर

सीतक आखर-आखर धारके मोन छैक


कट्ठा-बिग्घाक उपजा लोक तँ नहि बूझत

बीतक आखर-आखर धारके मोन छैक



**** वर्ण---------16*******

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों