शुक्रवार, 2 सितंबर 2011

गजल

बटोही केहन छैक बाट पर चलि कए देखिऔक

पिआसलक पिआस घाट पर चलि कए देखिऔक


घर मे घोंघाउज केने कोनो लाभ नहि भेटत आब

सस्ती-महँग केहन हाट पर चलि कए देखिऔक


कमजोर वस्तुक मर्म ओना नहि बुझाएत अहाँके

कने दिबाड़ लागल टाट पर चलि कए देखिऔक


बुझिए जेबै कुसिआर आ सिठ्ठी केर संबंध अहाँ तँ

कनेक कोल्हुआरक राट पर चलि कए देखिऔक


नै रहत कनियों मोल अहाँक गुण केर दुनियाँमे

अहाँ बिनु पैकिंग के हाट पर चलि कए देखिऔक



**** वर्ण---------20*******

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों