बाल रुबाइ-25
एलै ककाक कोजगरा बहुत मखान
चल खीर खेबै संगमे हरियर पान
नवका कपड़ा एलै सकल परिवारक
तैमे हमर ब्लू जीँस नीक छै समान
एलै ककाक कोजगरा बहुत मखान
चल खीर खेबै संगमे हरियर पान
नवका कपड़ा एलै सकल परिवारक
तैमे हमर ब्लू जीँस नीक छै समान
हँसि हमर गप्प सुनलौं अहाँ
दर्दकेँ नै तँ बुझलौं अहाँ
दाँतकेँ बीचमे जीभ सन
मोनमे सच्च मुनलौं अहाँ
चिन्हलौं नै हमर मोनकेँ
जानि धनहीन घुमलौं अहाँ
देखते रंग दुनियाक ई
मोनकेँ तोरि झुमलौं अहाँ
छोड़ि दुखमे खुशीकेँ पकड़ि
कोंढ़ ‘मनु’ केर खुनलौं अहाँ
(बहरे मुतदारिक, मात्राक्रम 212-212-212)
✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’