शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

गजल

बाट अन्हारमे डूबल केकरा बजाउ

जगैत लोक तँ सूतल केकरा बजाउ


लेलहुँ हम सप्पत रहब एकै संग

ओ तँ मोड़ पर छूटल केकरा बजाउ


राम ठकाएल तँ अल्ला छथि बौआएल

मंदिर-मस्जिद टूटल केकरा बजाउ


दुनियाँ घालमेलक दुनियाँ भ्रमजाल

सीसी-छौंड़ी-पाइ घूमल केकरा बजाउ


चाहै छलहुँ आबथि हमर करेजमे

मुदा इ किस्मते रूसल केकरा बजाउ


**** वर्ण---------15*******

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों