Saturday, 13 August 2011

गजल

संसद केर फोटो मे किछुओ नहि हेर-फेर
नागनाथ,साँपनाथ,इएह दुनू बेर-बेर
लागैत अछि अजुका ई दिनो अन्हार रहत
सुरूज मलान छथि एखनहुं उबेर बेर
एकबाली लोक सभक दागल सभ साँढ छै
तोड़ि रहल जहिपतार करचीक सभ घेर-बेर
मातल आर्केस्ट्रा मे आजुक सभ गोपिका
राधिकोक टेर नहि मुरली के टेर बेर
घामक टघार बहैछ श्रीमंतक माथ पर
उमकल सीमान पर जन-गण के जेर-बेर
गाम भेल नन्दिग्राम,घर-घर सिंगूर भेल
"अरबिन"सभ संग रहू एहन अन्हेर बेर

1 comment:

  1. shuruk 5 line me 17 varn aayal muda baad me garbara gel...bhav neek

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों