Saturday, 1 October 2011

गजल

इजोत लेल अन्हेर नगरी जाइत लोक

सपनेमे तँ सपनाक भात खाइत लोक


खेत तँ आब पटाओल जाइछ शोणितसँ

पानि महँक तेले जकाँ तँ छताइत लोक


जकरा जतेक भेटैक सएह बड़ अगत्ती

खएलाक पछातिओ तँ गुंगुआइत लोक


छोड़लकै डनिञाँ तेहन ने अगिनबान

मोनेमे पजरि मोनेमे पझाइत लोक


बसातक कमी तँ छैक गामोक बगैचामे

आक्सीजनेक बोतलमे तँ औनाइत लोक



**** वर्ण---------16*******

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों