Thursday, 13 October 2011

गजल

फेर से ओ जिनगी घुरि आयल
फेर अहां क याद घुरि आयल

छोडल छल सबटा याद अदौ
विस्मृत स्मृति फेर जुडि आयल

लकधक साड़ी खनखन हँसी
लाजक लाली कोना मुडि आयल

आमक गाछी चुप चुप अधर
डभ्कैत आन्खि मोन चुडि आयल

छल विदा करेज पर पाथर
बिसरब सब से फुरि आयल

किएक भेटल ओ पुरना पोथी
आखर देखि याद घुरि आयल

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों