Sunday, 16 October 2011

गजल

बाट टूटैत रहलैक हर समय

लक्ष्य छूटैत रहलैक हर समय


भाइ बाढ़ि-भूकंप आबै की नै आबै

बान्ह टूटैत रहलैक हर समय


समय सतयुग होइ की कलयुग

ओ तँ लुटैत रहलैक हर समय


भाइ धर्मक युद्ध होइ की अधर्मक

सेना कटैत रहलैक हर समय


बेसी तेज दौगने नै भेटत पदक

ओ तँ खसैत रहलैक हर समय



**** वर्ण---------14******

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों