Tuesday, 4 October 2011

गजल

कथा जखन बिआहक लागल हेतैक

गरीबक बेटी तँ बड्ड कानल हेतैक


गोली लागल देह भेटत दसो दिशामे

कुशलक खोंइछ तँ कतौ बान्हल हेतैक


डेगे-डेग निद्रा देवीक प्रचार-प्रसार

आब केना कहू जे केओ जागल हेतैक


सड़ि गेलै एहि पोखरिक सुन्दर पानि

जुग-जुगान्तरसँ नहि उड़ाहल हेतैक


विश्वास करु समान कम नहि भेटत

देखिऔ बाटेमे बाट भजारल हेतैक



**** वर्ण---------15*******

1 comment:

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों