Wednesday, 12 December 2012

गजल

बाल गजल -71

सबसँ हम आब दोस्ती करब
मीत बनतै तँ होली करब

हँसब बाजब पढ़ब आ लिखब
खेलमे खूब मस्ती करब

भोरमे योग आसन करब
रोगकेँ आब छुट्टी करब

लोक झगड़ा अनेरे करै
हम तँ नै आब कट्टी करब

मेहनत करब ई प्रण हमर
आब नै टास्क चोरी करब

पाप छै फूसि बजनाइ तेँ
सत्यकेँ नाम वाणी करब

फाइलुन
212 तीन बेर सब पाँतिमे
बहरे-मुतदारिक
अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों