Wednesday, 21 December 2011

गजल

हमर अनहरिया के चान अहीं त छी
एहि टूटल मडैय्या के मान अहीं त छी
बखारी त छैक लोक के देखबय लेल
एहि नीपल बखारी के धान अहीं त छी
जमाना बिनू सुनने खाली बजैत छैक
हमर गीत सुनबा ले कान अहीं त छी
भोजन मे नौतिमना होएक या मिस्टान्न
हमर हसैत मुहक पान अहीं त छी
घमाएल होएक वा ठिठुरैत शरीर
आई हमर मुरेठा के शान अहीं त छी

----वर्ण - १५ ----

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों