Thursday, 29 December 2011

रुबाइ


प्रस्तुत अछि प्रवीण नारायण चौधरी जी द्वारा लिखल रुबाइ





समय के धार अनुसार चलैत छी हम सभ,

शिक्षा के महत्त्वके आत्मसात करी हम सभ,
संसार में सभ के अपन-अपन भूमिका छैक,
अपन कर्तब्य के आत्मसात्‌ करी हम सभ।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों