शनिवार, 9 जून 2012

रूबाइ

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अहाँ मुस्किया त' दिअ लिखब हजार गजल
कने कनखिया त' दिअ बनत बजार गजल
अहाँक सब अदा सँ नव शब्द भेटै यै
आइ टूस्किया त' दिअ चलत बहार गजल

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों