मंगलवार, 19 जून 2012

गजल



गोरी अहाँक आईखक काजर हमर जान मरैय
कारी कारी केशक लाल गाजर हमर जान मरैय

कs कs सोलह श्रृंगार अहाँ जखन घर सं निकलै छि
हावा में उडैत अहाँक आँचर हमर जान मरैय

चानी पीटल देह देख कs मोन करैय करि सनेह
सजनी अहाँक कमर पातर हमर जान मरैय

रूप अहाँक चकमक ज्योति अंग अंग लगैय मोती
मोती सं जडल अहाँक चादर हमर जान मरैय

वर्ण-२०
रचनाकार-प्रभात राय भट्ट

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों