Saturday, 25 February 2012

गजल

गोर गाल पातर ठोर छै
कारी नैन मारै ईजोर छै

बाट छैक सोझगर मुदा
लहरिया चालि बेजोर छै

कुमुदिनी फुलायल फेर
उठु भ गेल आब भोर छै

दीप प्रकाश भेल विहीन
लोक लाजे मोन मे चोर छै

देख मिलन भेल सार्थक
प्रीते करेज सराबोर छै

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों