Tuesday, 7 February 2012

गजल

किछओ लीखु s साथी एहन की, रहि रहि s लाइक करत
फेक आईडी नीक फोटो, कमेन्ट करय लेल माइर करत

चैटिङ फेटिङ डेटिङ सेटिङ के परोगराम बात सुनू
जहाँ कमेन्ट पर चुप्पी साधु, मुँह बिचकौने माइन्ड करत

हमहूँ कम नै गच्चा दै मे, पुछलहूँ बियाह करबै की अहाँ
बिन दहेज जखने कहलहूँ की, लङ्क लागि भागि पडत

उमेद पिता के, माय के आशा, कोना कय सभ पुरा करतै
फिटफाट जिटजाट खाली मस्ती, कहुना s s बाईक चढत

देश-दुनियाँ, जिबन-दर्शन के, लियौ ने एकरा s बात कते
समाज' समस्या मे साथ माँगु, s धीरे धीरे साईड धरत

आस' घूर मिझारहल, अखनो किछ चिनगी जेना बाँकी छै
पजरै धधरा कहुना s "स्वाती", जे जाड राइत कटत !!

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों