Wednesday, 8 February 2012

गजल

प्रस्तुत अछि मुन्ना जीक गजल---



नेताक फाँसमे फँसल ई भारत भाए-भैय्यारी जकाँ

देखू छटपटा रहल माछ भरल अपियारी जकाँ


लोक तँ कटैए घिसिऔर महँगाइसँ मारल भ' '

भावे मुदित मुदा स्वर निकलैछ फकसियारी जकाँ


आर्थिक उदारीकरण कमाइ आब लाखमे होइछ

मुदा वैश्विक परिस्थितिमे मोल लागए हजारी जकाँ


बिहारक सिरखारी बदलि गेल सन लगैए आब

श्रमिक घटलासँ कंपनी-मालिक लगै बिहारी जकाँ


आइ धिया-पुता घुमैए प्रशिक्षित बेरोजगार भ' '

महँगाइमे आंशिक लाभ पाबि बुझैए दिहाड़ी जकाँ


आखर---20


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों