Wednesday, 1 February 2012

गजल संग्रहक सूची

साल 1905मे प्रकाशित प.जीवन झाक नाटक "सुन्दर-संयोग"मे पहिल आधुनिक मैथिली गजलक दर्शन होइत अछि। आ तकरा बाद विभिन्न पत्र-पत्रिकामे विभिन्न शाइरक गजल प्रकाशित होइत रहल। मुदा गजल संग्रहक अभाव बराबर बनल रहल। एहिठाम हम मैथिलीमे एखन धरि प्रकाशित मैथिली गजल आ शेरो-शाइरीक संग्रहक सूची दए रहल छी।
सूची दू तरहक अछि। पहिल सूचीमे एहन संग्रह अछि जाहिमे व्याकरणयुक्त गजल आ शेरो शाइरी अछि। दोसर तरहक सूचीमे एहन संग्रह अछि जाहिमे आजाद गजल आ शेरो-शाइरी अछि। तँ पहिने प्रस्तुत अछि पहिल सूची-------

मैथिलीक बहर युक्त पोथीक सूची--

चूँकि प्राचीन गजलकार सभहँक गजल संपादित पोथी सभमे अछि आ उपरमे ओकर चर्च भऽ चुकल अछि तँए ऐठाम हम तकर बादक बला पोथीक सभहँक विवरण दऽ रहल छी।
1) अहींक लेल --वर्णवृतपर आधारित अछि। शाइर विजय नाथ झा (ऐमे कुल 78 टा गजल आ 43 टा कविता अछि)
2) अनचिन्हार आखर---सरल वार्णिक बहरपर आधारित अछि। शाइर आशीष अनचिन्हार (प्रकाशन वर्ष-2011, ऐमे कुल 30 पृष्ठक गजलक संक्षिप्त परिचय, 78 टा गजल, 32 टा रुबाइ, आ 2 टा कता अछि। ई श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित अछि। मूल्य 200 टका )
3) धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ --सरल वार्णिक बहर आ वर्णवृतपर आधारित अछि। शाइर गजेन्द्र ठाकुर (प्रकाशन वर्ष 2012, ऐमे कुल 58 पृष्ठक गजल शास्त्र आलेख, 1 टा रुबाइ, 2 टा कता आ 37 टा गजल अछि। ई श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित अछि। )
4) माँझ आँगनमे कतिआएल छी--सरल वार्णिक बहरपर आधारित अछि। शाइर मुन्ना जी (प्रकाशन वर्ष 2012, ऐमे कुल 50टा गजल आ 11 टा रुबाइ अछि। ई श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित अछि। )
5) नव अंशु--सरल वार्णिक बहर आ वर्णवृतपर आधारित अछि। शाइर अमित मिश्र ( प्रकाशन वर्ष 2012, ऐमे कुल 90टा गजल, 6 टा हजल आ 16 टा रुबाइ अछि। ई श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित अछि। )
6) मोनक बात--सरल वार्णिक बहर आ वर्णवृतपर आधारित अछि। शाइर चंदन झा ( प्रकाशन वर्ष 2012, ऐमे कुल 66 टा गजल, 2 टा हजल , 33 टा रुबाइ , 15 टा बाल गजल आ 1 टा कता । ई श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित अछि। )
7) कियो बूझि नै सकल हमरा--सरल वार्णिक बहर आ वर्णवृतपर आधारित अछि। शाइर ओम प्रकाश (प्रकाशन वर्ष 2012, ऐमे कुल 87 टा गजल, 8 टा रुबाइ आ 1 टा कता । ई श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित अछि। )
8) नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर--- सरल वार्णिक बहर आ वर्णवृतपर आधारित अछि। शाइर जगदानंद झा मनु। प्रकाशक श्रुति प्रकाशन। प्रकाशन वर्ष 2014, विदेहक पोथी डाउनलोडपर ई-वर्सन प्रकाशित
9) निश्तुकी--सरल वार्णिक बहरपर आधारित अछि। शाइर उमेश मंडल ( ऐमे 2 टा गजल अछि)
10) क्षणप्रभा--सरल वार्णिक बहरपर आधारित अछि। शाइर शिव कुमार झा टिल्लु ( ऐमे 2 टा गजल अछि)
11) गजल गंगा ( शाइर जगदीश चंद्र ठाकुर अनिल, 2015, विदेहक पोथी डाउनलोडपर ई-वर्सन प्रकाशित)
12) नेपालक नोर मरुभूमिमे--- (शाइर बिंदेश्वर ठाकुर ऐमे 12टा गजल आ 28टा रुबाइ, कता समेत किछु स्वतंत्र शेर, लघुकथा, विहनिकथा आ कविता अछि, प्रकाशक श्रुति प्रकाशन, वर्ष 2014)
13) जे कहि नञि सकलहुँ ---शाइर दीप नारायण विद्यार्थी

"अनचिन्हार आखर" मैथिलीक पहिल आ एखन धरिक एकमात्र गजल केन्द्रित पत्रिका अछि। 

मैथिलीक आजाद गजलक पोथीक सूची--

1) उठा रहल घोघ तिमिर---बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर विभूति आनंद ( प्रकाशन वर्ष June 1981, ऐमे कुल 34 टा गजल अछि आ ई भारती प्रकाशन, पटनासँ प्रकाशित अछि। मूल्य 3टका साधारण, 6 टका विशेष )
2) कान्ह पर लहास हमर---बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर कलानंद भट्ट ( 2ep.1983, ई किसुन संकल्प लोक, सुपौलसँ प्रकाशित अछि आ ऐमे कुल 48 टा गजल अछि। मूल्य 4टका)
3) लेखनी एक रंग अनेक ----बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर रवीन्द्रनाथ ठाकुर (15/8/1985, ऐमे कुल 109 टा गजल आ 7 टा कता अछि। ई पूर्वांचल प्रकाशन, पटनासँ प्रकाशित अछि। मूल्य 10 टका )
4) शोणिताएल पएरक निशान--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर सियाराम झा सरस ( 1989, ऐमे कुल 48 टा गजल अछि। ई सरला प्रकाशन, मेहथसँ प्रकाशित अछि। मूल्य 12 टका )
5) लोकवेद आ लाल किला--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। संपादक शाइर सियाराम झा सरस (प्रकाशन वर्ष 1990, ऐमे कुल 12 टा गजलकारक 84 टा गजल अछि। ई विद्यापति सेवा संस्थानसँ प्रकाशित अछि। मूल्य 12टका )
6) पहरा पर इमान-- बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर बाबा बैद्यनाथ ( 1989, ऐमे कुल 30टा गजल अछि। )
7) नागफेनी--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर रमेश (1990, ऐमे कुल 58 टा गजल अछि। मूल्य 10टका समान्य, 15 टका पुस्तकालय )
8) अपन युद्धक साक्ष्य--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर तारानंद वियोगी (प्रकाशन वर्ष 1991, ऐमे कुल 40टा गजल अछि। ई चतुरंग प्रकाशन, बेगूसरायसँ प्रकाशित अछि। मूल्य 7 टका)।
एही कथित गजल संग्रहक दोसर संस्करण 2016मे आएल जकर प्रकाशक किसुन संकल्प लोक अछि। अइमे कथित पुरना गजलक संग 25 टा नव कथित गजल सहो देल गेल अछि आ संगे-संग बारह टा गीत सेहो जोड़ल गेल अछि।
9) थोड़े आगि थोड़े पानि--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर सियाराम झा सरस ( प्रकाशन वर्ष nov. 2008 ऐमे कुल 80टा गजल अछि। ई नवारम्भ प्रकाशन, पटनासँ प्रकाशित अछि। मूल्य 70टका )
10) गजल हमर हथियार थिक--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर सुरेन्द्रनाथ ( 2008, ऐमे कुल 68 टा गजल अछि। ई नवारम्भ प्रकाशन, पटनासँ प्रकाशित अछि। मूल्य 70टका )
11) सूर्यास्तसँ पहिने--बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर राजेन्द्र विमल ( प्रकाशन वर्ष-साल 2068, 2011, पृथु प्रकाशन, जनकपुर नेपाल, ऐमे कुल 96 टा गजल अछि। मूल्य 100 टका साधारण, 200 टका संस्थागत )
12) नवीन मैथिली गजल--हमरा लग उपल्बध नै अछि। शाइर अनन्त बिहारी लाल दस "इन्दु"
13) मधुर मैथिली गजल--हमरा लग उपल्बध नै अछि। शाइर अनन्त बिहारी लाल दस "इन्दु"
( इन्दु जीक संग्रहक जानकारी हमरा सरसजी द्वारा भेटल अछि हलाकिं हुनको लग दूनू संग्रह नै छन्हि)
14) बहुरुपिया प्रदेश मे ---बिना बहरक गजल संग्रह अछि ई। शाइर अरविन्द ठाकुर ( प्रकाशन वर्ष-nov 2011, ऐमे कुल 66 टा गजल अछि। ई नवारम्भ प्रकाशन, पटनासँ प्रकाशित अछि। मूल्य 125 टका सजिल्द, 75 टका अजिल्द )
15) दुखक दुपहरियामे--बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे। गंगेश गुंजन ( ऐमे 14 टा गजल सनकेँ किछु अछि )
16) संघर्षक पथ पर--अशोक दत्त ( हमरा लग उपल्बध नै अछि। )
17) चानन-काजर---बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे।। देवशंकर नवीन
18) आखर-आखर गीत----बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे। सियाराम झा सरस ( ऐमे कुल 16 टा गजल आ 73 टा गीत अछि। ई सरला प्रकाशन, मेहथसँ प्रकाशित अछि। )
19) अपूर्वा---बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे। रामलोचन ठाकुर
20) गीत ओ गजल-- बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे। शाइर शुधांसु शेखर चौधरी ( ऐमे कुल 31 टा गजल आ 7 टा गीत अछि )
21) सोम पदावली---बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे। शाइर सोमदेव
22) अवान्तर-- बिना बहरक गजल सभ अछि ऐमे। शाइर मायानंद मिश्र
23) मोमक पघलैत अधर---शाइर राम भरोस कापड़ि भ्रमर, प्रकाशन वर्ष1983। हमरा लग उपल्बध नै अछि।
24) जे गेल नहि बिसरल-- शाइर मोहन यादव, प्रथम संस्करण-जून 2015, प्रकाशक-मैथिली प्रेरणा परिषद, श्रीपुर, सकरी, दरभंगा , कुल 81 टा कथित गजल अछि अइमे।

ई सूची अपना आपमे अपूर्ण अछि समय-समय पर अपेक्षित सुधार होइत रहत। अहूँ सभहँक सहयोग अपेक्षित अछि।

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों