Wednesday, 9 May 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-4


गंगेशगुंजन 1942

जन्मस्थान- पिलखबाड़,मधुबनी।श्रीगंगेश गुंजन मैथिलीक प्रथमचौबटिया नाटक बुधिबधियाकलेखक छथि आ हिनका उचितवक्ता(कथासंग्रह) कलेल साहित्य अकादमी पुरस्कारभेटल छन्हि। एकर अतिरिक्त्तमैथिलीमे हम एकटा मिथ्यापरिचय, लोकसुनू (कवितासंग्रह), अन्हार-इजोत (कथासंग्रह), पहिललोक (उपन्यास),आइ भोर (नाटक)दुखकदुपहरियामे (गजलसन किछु) प्रकाशित।हिन्दीमे मिथिलांचल की लोककथाएँ, मणिपद्मकनैका- बनिजाराकमैथिलीसँ हिन्दी अनुवाद आशब्द तैयार है (कवितासंग्रह)।१९९४-गंगेश गुंजन(उचितवक्ता,कथा)पुस्तकलेल सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँसम्मानित ।

जहाँधरि गजलक गप्प छै तँ ई मैथिलीमे" गजलसन किछु " लिखलाआ ओहो मात्र दस-पनरहटा।हिनक पोथी " दुखकदुपहरियामे " एकरबानगी देखल जा सकैए।


मैथिलीकपहिल अरूजी गजेन्द्र ठाकुरकमतें.......मायानन्दमिश्र “गीतल” कहि आ गंगेशगुंजन “गजल सन किछु मैथिलीमे”कहि जे गलत परम्पराकेँ जारीरखबाक निर्णय लेने छथि तकराबाद मुन्ना जी आ आशीष अनचिन्हारजँ बिना छन्द/ बहरकगजल लिखै छथि तँ एकरा हम मायानन्दमिश्र, गंगेशगुंजन आ लालकिलावादी अ-गजलकारलोकनिक दुष्प्रभावे बुझै छी।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों