गुरुवार, 31 मई 2012

गजल


ताड़ी के कने छानि क' दिअ
दारू कतौ सँ आनि क' दिअ

मर्दक छै पहचान दारू
आइ त' छाती तानि क' दिअ

डूबल छी जे मदहोशी मे
रम मे गम सानि क' दिअ

बंधन इ दुनियाँ के तोड़ू
सबटा बान्ह फानि क' दिअ

नैनक निशा बड चढ़ल
ठोर सटा क' जानि क' दिअ

गिलास छोरू बोतल लाबू
"अमित" आइ हानि क' दिअ

वर्ण-10

अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों