गुरुवार, 24 मई 2012

गजल


गजल-४८

दू लबनी केरखेला देखू

लागल रेलमरेला देखू


फुसिए ठेलमठेला देखू

बलजोड़िकझमेला देखू


मत्त गुरू संगचेला देखू

नाच करैअलबेला देखू


जीवन केसंध्यावेला देखू

कानै अनाथकोरेला देखू


विषले लागलमेला देखू

अमृत भेलकरेला देखू/------वर्ण-१०------

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों