गुरुवार, 31 मई 2012

गजल

दूर अकास मे तारा चमकल
कनिया हाथक चूडी खनकल

मधुरात्रि छै आब बीत रहल
फुलबाड़ी मे सिंघार गमकल

दीपक जोत सेहो भेल मलिन
चार पर चुनमुन चहकल

नंगरु भाइ चलला पसिखाना
चालि मुदा छै एखनो बहकल

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों