Sunday, 6 May 2012

गजल

बाल गजल






पीठ पर छै बैग बौआ चलल इस्कुल
लाल पियर ड्रेस चमकै भरल इस्कुल
मांथ टोपी घेँट मे छै लंच लटकल
दाइ संगे चलल मोने रमल इस्कुल
खेल सेहो नीक खेलै छोट बौआ
वर्ग छै मैदान खेलक बनल इस्कुल
चित्र पाड़ै मे लगै छै मोन ओकर
मीठ झगड़ो पर त' खूबे हँसल इस्कुल
नै पहाड़ा पढ़ब नै सीखब ककहरा
आब छै कंपुटर सीखा रहल इस्कुल
भेल छुट्टी संग हल्ला घर चलल ओ
नाम जहिया "अमित" अपनो लिखल इस्कुल
फाइलातुन
2122 तीन बेर
बहरे-रमल
अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों