Monday, 7 May 2012

रुबाइ


रुबाइ-8

संध्या-वंदन,काठ सिरिखण्ड घसै छी

भोर-साँझ आरती घरिघण्ट पिटै छी

भाँग पीबि मस्तक तिरपुण्ड लेपै छी

रुचि-रुचि रोहु मूड़ा मुरिघण्ट चभै छी ।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों