Wednesday, 2 May 2012

गजलक इस्कूल भाग-49



30/4/12हँक भोरमे ५बजे जनकपुरमे अलग मिथिला राज्य केर माँग पर धरना देल गेल छल। मुदा अताताती द्वारा बम विस्फोटमे नायिका रंजू झा सहित चारगोटक मृत्यु भेलन्हि। समस्त गजल परिवार दिससँ शोकाकुलकेँ संताव्ना। श्रद्धांजलि स्वरूप अछि ई गजलक इस्कूलक प्रस्तुति।

नेपालमे अलग मिथिला राज्य मँगलापर बम भेटल। समूचा गजल परिवार मर्माहत अछि। गजलक एकटा मिसरा (पाँति) दए रहल छी। जे केओ गोटे पूरा करताह। हुनका इ पाँति रचनाक रूपमे सौंपि देल जेतन्हि। इ पाँति एना अछि---------

खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै

१२टा दीर्घक प्रयोग वा,
सरल वार्णिक बहरमे १८ अक्षर
· · · Yesterday at 11:03


    • Ashish Anchinhar सभ शहीदकेँ श्रद्धांजलि रूपमे ई........


    • Shyam Shekhar Jha mithila rajya k prasthan bindu.....
      Yesterday at 11:06 · · 1


    • Gulab Pathak sardhanjali


    • मिहिर झा खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै
      फूटौ बमगोला मिथिला कपूत कनबे करतै

      Yesterday at 11:26 · · 4


    • Amit Mishra गजल

      खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै
      कतबो घायल मैथिली मिथिला बनबे करतै

      जानकीके छाती पर जे चोट लगलै आइ एत'
      खून बनि जेतै चिनगी मिथिला बनबे करतै

      चोटाहल साँप ध' लै छै रौद्र भयानक रूपके
      आब शेर गरजै बेशी मिथिला बनबे करतै

      एकोटा शहीदके बलिदान नै हेतै व्यर्थ आब
      पापीके मूँह हेतै कारी मिथिला बनबे करतै

      जागू मिथिला एक जूट भ' चलियौ छाती तानि क'
      करियौ "अमित" तैयारी मिथिला बनबे करतै

      वर्ण-18

      अमित मिश्र

      Yesterday at 11:49 via Mobile · · 4

    • Ashish Anchinhar neek amit ji mihir ji..


    • मिहिर झा खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै
      फूटौ बमगोला मिथिला कपूत कनबे करतै

      मिथिला राज्य सोपानकें सीढी बनल बलिदान
      मिथिलावासी आब खूनक बुन्न गनबे करतै

      बम बिस्फोट बनल जयघोष जागू हे मधेशी
      भ एक जुट करू युद्ध दुनिया जनबे करतै

      सहलेशक धाम ई बलिदान व्यर्थ कोना हेतै
      देखब जगमे मिथिलाक झंडा तनबे करतै

      Yesterday at 12:11 · · 5

    • Ashish Anchinhar neek mihir bhai.


    • मिहिर झा आशीष भाय, आग्रह जे अहां एहि पांती पर ओज आ जोश भरल गजल प्रस्तुत करी जे कि सब मैथिल मे मिथिला राज्य बनेबाक उत्साह भरैक |
      Yesterday at 12:22 · · 5


    • Anil Mallik Akhunka karun ghadi me jai tarahen apne sav mithila(nepal)sang dukh banti rahal chhi, bharos da rahal chhi, ham sav natmastak chhi !
      Yesterday at 12:49 via Mobile · · 2

    • Ashish Anchinhar अनिल जी ई मात्र नेपालक नै हमरो लोकनि दुख अछि-

    • Ashish Anchinhar हम अपन देल पाँति पर गजल नै लिखैत छलहुँ मुदा ई श्रद्धांजलि स्वरूप अछि---

      खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै
      चलतै गोली फुटतै बम लोक लड़बे करतै

      रोपू फूल क्रांतिक पटाउ शोणितसँ देशमे
      जँ माली हेतै नीक तँ बगैचा गमकबे करतै

      छिनैत रहल अधिकार हम चुप्प बैसल छी
      हमरा सन पूतपर मिथिला कनबे करतै

      ओ भने छोड़ देतै मिथिलाकेँ अनाथ बना तैओ
      कहियो ने कहियो कोनो सपूत जन्मबे करतै

      रंजू-विमल-सुरेश-झगरूए सन पूत होथि
      लोक असीरबाद माँगि ई खिस्सा कहबे करतै

      वर्ण-१८.



    • मिहिर झा BEJOR . JAI MITHILA......


    • Prabin Chaudhary Pratik आब नै सहबै अत्याचार,
      लs कs रहबै मिथिला राज्य………

      Yesterday at 13:33 · · 3


    • Chandan Jha गजल-३४

      मिथिला राजक खातिर मैथिल लड़बे करतै
      खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै

      निज मातृभूमि उत्थानक हेतु लड़िते रहतै
      मायक लाजक खातिर संतति मरबे करतै

      मिथिला-मैथिल-मैथिलीक स्वाभिमानक रक्षार्थ
      निज प्राणहु के उत्सर्ग मैथिल करबे करतै

      कमला-गंगा-कोशी-गंडकक सप्पत खा' मैथिल
      अलगहि राजक सपना पूरा करबे करतै

      जेतै ने ब्यर्थ बलिदान आब कोनो बलिदानी के
      "चंदन" ठोस प्रतिकार मैथिल करबे करतै

      -------वर्ण-१८-------
      मिथिला-मैथिल-मैथिली अस्मिताक रक्षाक हेतु लड़निहार,समस्त बलिदानी के समर्पित.

      Yesterday at 13:47 · · 8

    • Ashish Anchinhar जाहि तरहें गजल अपन बलिदानीकेँ मोन पाड़ि रहल अछि से नीक। .


    • Akhilesh Jha Ashish Anchinhar:खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै
      चलतै गोली फुटतै बम लोक लड़बे करतै

      रोपू फूल क्रांतिक पटाउ शोणितसँ देशमे
      जँ माली हेतै नीक तँ बगैचा गमकबे करतै

      छिनैत रहल अधिकार हम चुप्प बैसल छी
      हमरा सन पूतपर मिथिला कनबे करतै

      ओ भने छोड़ देतै मिथिलाकेँ अनाथ बना तैओ
      कहियो ने कहियो कोनो सपूत जन्मबे करतै

      रंजू-विमल-सुरेश-झगरूए सन पूत होथि
      लोक असीरबाद माँगि ई खिस्सा कहबे करतै.
      Adwitiya.



    • जगदानन्द झा 'मनु' खून सँ भिजलै धरती मिथला बनबे करतै
      आब जोड लगाबे कियो झंडा फहरेबे करतै

      सुनु बलिदानी सुनु शैनानी आब दिन दूर नै
      विश्वक नक्सा में मिथिलाक नाम देखेबे करतै

      कतबो चलतै बम निकलै चाहे हमर दम
      क्रांति बढल आगु आब जुनि इ रुकबे करतै

      बहुत छिनलक सभ नै सहबौ आब ककरो
      गर्म सोनित त आब हिलकोर मारबे करतै

      एक खुनक बूंद सँ सय-सय रंजू जन्म लेतै
      आताताई सँ बदला ओ चूनि-चूनि लेबे करतै

      Yesterday at 16:07 · · 2


    • Jan Anand Mishra रंजू-विमल-सुरेश-झगरूए सन पूत होथि
      लोक असीरबाद माँगि ई खिस्सा कहबे करतै
      Yug-yugdhair e khissa kahal & sunal jait rahat

      Yesterday at 16:37 · · 10

    • Ashish Anchinhar Avinash Jha Anshu
      :::::::::::::::हमर श्रद्धांजलि::::::::::::::

      जतेक मिझैब आगि आउर भड़कबे करतै ,
      खूनसँ भिजलै धरती मिथिला बनबे करतै ,

      लेत प्रेरणा बलिदान सँ युवा जगबे करतै ,
      बाँधि माथ पर कफन आबओ लड़बे करतै ,

      सीताक धरती पर अग्नि परिक्षा हेबे करतै ,
      धधैक आगिसँ स्वर्ण मिथिला बहरेबे करतै ,

      आँधी जे उठि चुकल अछि आब बढबे करतै ,
      क्रान्ति ध्वज सबहक हाथ में फहरेवे करतै ,

      देखब तूफानी वेग में विरोधी बहबे करतै ,
      विश्वक मानचित्र पर मिथिला सजबे करतै ॥

      वर्ण :- १८
      अविनाश झा अंशु.














































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