Wednesday, 2 May 2012

गजलक इस्कूल भाग-48

मुत्ती सँ लुत्ती नै मिझाइत छै

· · · 27 April at 22:49 via Mobile

    • Ashish Anchinhar ‎2212-2212-22

    • Ashish Anchinhar महिला सदस्यसँ माफी सहित

    • Ashish Anchinhar उपरका पाँतिक शोधित रूप आ ओकर मात्रा निच्चा देखू

    • Vijay Kumar लुत्ती कोनो अगरबत्ती अथवा मोमबत्ती नई थीक जे क्षणिक या कनिक मुत्ती सॅन बुइझ जायत, लुत्ती त रत्ती-रत्ती अगत्ती होयत अछि |
      28 April at 00:10 · · 2

    • Ashish Anchinhar रावणक मुत्तीसँ लुत्ती नै मिझा सकैए

    • Ashish Anchinhar ‎2122-2122-212-122

    • Vijay Kumar मिथिलाक़ मायटक आ मैथिलिक बातक मिठास एतेक अछि जे कनी-मनी इमरोह-आम्हर के गपशप भ जायत तए कुनो बात नई....
      28 April at 00:20 · · 1

    • Amit Mishra गजल

      रावणक मुत्ती सँ लुत्ती नै मिझा सकैए
      कंठ जेना ओस चाटिक' नै भिजा सकैए

      आंत जुन्ना जखन बनि गेलै भुखे पियासे
      छोट सरकारी मदति भुख नै भगा सकैए

      गेल गामक गाम जड़ि सुड्डाह भेल कोठी
      ठोर मुस्की दैत हाथो नै उठा सकैए

      पाइ के छाहरि बिछौना पर जँ सुतल नेता
      दर्द लोकक ओकरा कोना जगा सकैए

      आब महगाई ल' रहलै आइ जीब कोना
      "अमित" कागज नै गजल कोना लिखा सकैए

      2122-2122-212-122

      अमित मिश्र

      28 April at 09:20 via Mobile · · 4

    • Ashish Anchinhar vah. amit jee.

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों