Monday, 26 March 2012

गजल


ह्रदय सँ सटा तँ लिय
अहाँ प्रीत लगा तँ लिय 


हम जन्म सँ अहाँ केँ छी 
प्रियतम बना तँ लिय


सब केँ छोरने छी हम 
हृदय में बसा तँ लिय


नै हमरा बिसरल छी 
ई हमरो जता तँ लिय


आब दिन बीते नै राति 
मरब ' सँ बचा तँ लिय

जिनै सकी बिन अहाँ केँ
नै हमरा कना तँ लिय


ई नोर विरह केँ अछि 
मिलन केँ बना तँ लिय


सुगँधा अहाँ 'मनु' केँ छी  
ई सब केँ बता  तँ लिय  

(सरल वार्णिक बहर, वर्ण-९ )
जगदानन्द झा 'मनु'  : गजल संख्या-34

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों