Thursday, 29 March 2012

गजल

ओकर मूँह लागैए कते म्लान सन ,
कत' गेलै चमक ओ पुनम के चान सन ,
मौलाइल गुलाबक ठोर ओकर किए ,
नोराएल कारी नैन , जे वाण सन ,
केशो नै गुहल पसरल धरा पर किए ,
देने पेटकुनियाँ भेल अपमान सन ,
टोना कोन डाइन केलकै आइ यौ ,
मुस्की गेल हेरा कोयलक गाण सन ,
दिल मे आगि लागल छै विरह के "अमित" ,
परदेशी पिया भेला अपन जान सन . . . । ।
2221-2221-2212
बहरे -कबीर
अमित मिश्र

1 comment:

  1. Ashish Anchinhar
    bahut neek

    Rajeev Singh
    अमित जी मजाक में कहै छी -
    बड ध्यान राखै छियै अपन प्रियतमा के, जाहि कारण एत नीक उदगार मन सँ s बाहर भेल. मधु जेकाँ मिठास अछि इ ग़ज़ल में .

    जगदानन्द झा 'मनु'
    परदेशी पिया भेला अपन जान सन . .badd neek gajal

    Amit Mishra
    rajeev ji . . . Jinak daya san shayar banlaun . . .hunkar dhyan ta rakaiyai partai bhale hi o sapne chhathi muda hamra lel ta saraswati k rup . . . .

    Om Prakash Jha
    Bahut neek.

    Rajeev Singh
    भाव बड पवित्र ! जबाब जे अहाँ राखलों, ओ तं s सम्मान सँ लबालब अछि. एतने कहब सरस्वती के असीम कृपा अछि हमरो ऊपर जे अहाँ के दिमाग आ सोचन शक्ति सँ मेल करैलैथ वर्ना एहन जबाब प्राप्ति के सौभाग्य अक्सर नै पाबै छी. हर्दय-स्पर्शी लागल. ग़ज़ल सँ हैट के सामान्य हाज़िर-जबाबी के भी हम कायल भs गेलों.

    Amit Mishra
    dhanyawad

    Sunil Kumar Pawan
    Bahut neek.

    Pankaj Chaudhary
    neek rachna aichh..!

    Chandan Jha
    amit ji kshma karab..कोयलक गाण ke arth hamra spast nahi bh' rahal acchi..kane batau. dhanyabd.

    Amit Mishra
    chandan ji koyalak gan likhwak hamr du ta matlab chhal . . . . . .1) gam san bazar dis besi log aabi gelai yai aa ohi tham koyalak madur gan nai sor sunwak bhetai chhai . . Ten jahina koyalak gan hera gel tahina hunak muski bila gel achhi . . . . . . . . . . 2 ) hunak muski etek neek madhur chhal jatek ki koyalak boli hoee chhai ten dunu k ek dosar san sambandh dekhabait likhne chhalaun

    Chandan Jha
    dhanyabad...aab spast bh' gel..bahut nik ...:)

    Amit Mishra
    dhanyawad

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों