गुरुवार, 29 मार्च 2012

गजल

बाल गजल





कुकुर उनटल पड़ल लार पर
बंदरो बैसलै चार पर
मूस दौगै गहुँम भरल घर
कोइली तन दै तार पर
नादि पर गाय दै दूध छै
नजर देने श्रवन ढार पर
स्वागत लेल बौआ कए
फूल मुस्कै गुथल हार पर
भोर भेलै उठल राजा यौ
"अमित " बौआ चढ़ल कार पर
*दीर्घ _हर्स्व _दीर्घ ३ बेर*
बहरे -मुतदारिक
अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों