Thursday, 1 March 2012

गजलक इस्कूल भाग-4


गजलक एकटा पाँति दए रहल छी। जे केओ गोटे साँझ ७ बजे धरि पूरा करताह। हुनका इ पाँति रचनाक रूपमे सौंपि देल जेतन्हि। इ पाँति एना अछि-----

गजब तोहर रूप गजब तोहर सिंगार गे छौंड़ी

सरल वार्णिक बहर-----20-वर्ण
· · · 23 January at 14:29

    • मिहिर झा गजब तोहर रूप गजब तोहर सिंगार गे छौंड़ी
      कोना के करियौ हम चेहरा तोहर दीदार गे छौंड़ी

    • मिहिर झा कामरूप के कय वरण एतेक इतराईत छे़ तू
      ठुमकि ठुमकि जाइ छे कतय तोहर अभिसार गे छौंड़ी

    • मिहिर झा वसंत ऋतु मे भेल वासन्ती गमकैत तोहर काया
      इन्द्र देव के मोहित कय के गबै छे मल्हार गे छौंड़ी

    • मिहिर झा सर्वस्व लुटेलौ तोरा पर अप्पन किछु नहि बांचल
      आस तकबौ जिनगी भरि नै कर तू इन्कार गे छौंड़ी

    • मिहिर झा रुक्मणी देखल रंभा देखल देखल शहर क छौंड़ी
      पासंगो भरि नहि छौ कोई आई एहि संसार गे छौंड़ी

    • Ira Mallick गजब तोहर रूप गजब तोहर सिँगार गे छौँरी,
      तैपर तिरछि नजरिया मारै सौ सौ कटार गे छौँरी।
      23 January at 17:53 via Mobile · · 6

    • Ira Mallick एहन बालि छौ उमिरिया कोना लचकै छौ कमरिया,
      एना चलभि बीच बजरिया मरतै संसार गै छौँरी।
      23 January at 18:46 via Mobile · · 4

    • Ashish Anchinhar vah----bahut neek ira ji

    • Ira Mallick छौ ठोर गुलाबी बसँती तोहर गाल गुलाबी बसँती,
      सुँदर बदन तोहर छौ गुलाब के भँडार गे छौँरी।
      23 January at 19:06 via Mobile · · 4

    • Arvind Kumar Jha mihir chacha aur ira ji ke jawaab nai ,,gazab ,,



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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों