Friday, 13 April 2012

गजल



बाल-गजल-७

मस्जिद जखने परल अजान
कोइली ठनलक पराती गान

कौआ डकलक खेत खरिहान
बगुला खत्ता बिच करय स्नान

गर-गर दुध दुहैछ बथान
टक-टक पड़रू लगौने ध्यान

बाबा छथि बाड़ी बान्हथि मचान
बाबी अँगना मेँ लगाबथि पान

टुह-टुह लाल पूब असमान
'चंदन'जलखै मे दूध मखान

-----वर्ण-१२-----

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों