Sunday, 8 April 2012

गजलक इस्कूल भाग-23

की अहाँ अपन सन्ग देबै
· · · 10 March at 21:51 via Mobile
    • Amit Mishra ki ahan apan sang debai . . Ki bhari jivan sang debai
    • Amit Mishra sahbai badhi bhukamp raud . . . . .jakhan jakhan sang debai
    • Anil Mallik bahut neek Amit ji...
    • Amit Mishra की अहाँ अपन संग देबै ,
      की भरि जीवन संग देबै ,

      सहबै बाढ़ि , भुकंप , रौद ,
      जखन- जखन संग देबै ,

      निकलतै कलम सँ लावा ,
      रचबै सुमन संग देबै ,

      साहस रग-रग दौगैए ,
      पुरतै सपन संग देबै ,

      पुण्यक राज फेर सँ एतै ,
      हो पाप हवन ,संग देबै ,

      धरा ,पताल , सब मिथिला ,
      मैथिली गगन संग देबै ,

      अहाँक संगे टा चाही प्रिय ,
      "अमित " नयन संग देबै . . . । ।

      अमित मिश्र
    • Amit Mishra आशिष जी सँ आग्रह जे हमरा एहि ठाम मार्गदर्शन करथि

      1. दिर्ध-ह्रस्व- दिर्ध -दिर्ध सँ कोनो बहर छै की नै ?

      2. " अहाँ" के ह्रस्व- दिर्ध मानब आकी ह्रस्व-ह्रस्व ।
      मतलब जे चंद्रबिन्दु पर जँ दिर्धक मेल हो त ओ दिर्ध हेएत की ह्रस्व ।
    • Ashish Anchinhar बहरे-रमल------- एकर मूल ध्वनि एना अछि--- फाइलातुन मने ----- S-I-S-S,अर्थात दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ-दीर्घ। आब जँ एहि ध्वनि के शेर मे प्रयोग करबै तँ एना हेतैक---
      S-I-S-S + S-I-S-S + S-I-S-S + S-I-S-S
      S-I-S-S + S-I-S-S + S-I-S-S + S-I-S-S
      (एहिठाम हम खाली चारि-चारि ध्वनिके उदाहरण देलहुँ अछि, मुदा शाइर एकसँ लए कए कतेको बेर ( बेसीसँ बेसी सोलह बेर ) ध्वनिके प्रयोग कए सकैत छथि।)
      इ भेल बहरे-रमल|......
    • Ashish Anchinhar चंद्र बिंदु जँ लघु पर रहतै तँ लघु आ जँ दीर्घ पर रहतै तँ दीर्घ।...
    • Amit Mishra dhanyawad

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों