Friday, 13 April 2012

गजल


बाल-गजल-६

नवका कुर्ती नवके सलवार
पहिर कय बुच्ची भेल तैयार

ललका फीताक गुहलक जुट्टी
बाजे रुनझुन पायल झन्कार

हाथक बाला खन-खन-खनके
टम-टम चढि के गेल बजार

ढोलक-पिपही आ तमाशा-नाच
सूनल देखल हरख अपार

बाबाक हाथ पकड़ि कए बुच्ची
प्रमुदित घुमय हाट-बजार


-----वर्ण-१२-----

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों