बुधवार, 6 जून 2012

गजल


दुख जिनगीक मेटाब' एलै नव अंशु
बिसरल बाट देखाब' एलै नव अंशु

टूटल खसल घर जड़ल दाही रौदी सँ
छप्पर आश जोड़ाब' एलै नव अंशु

हेराएल मुस्की नयन नोराएल
पाथर ठोर मुस्काब' एलै नव अंशु

सूतल नेह मातृत्व मौलाइल सगर
प्रेमक ओस चमकाब' एलै नव अंशु

टूटल तार नेहक कतौ देखत आब
प्यारक डोर नमराब' एलै नव अंशु

हेतै अपन मिथिला अपन राजक भोर
मन मिथिलाक धड़काब' एलै नव अंशु

मफऊलातु-मुस्तफइलुन-मफऊलातु
2221-2212-2221
बहरे- हमीद

अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों