Wednesday, 2 May 2012

गजलक इस्कूल भाग-42

गजलक एकटा मिसरा (पाँति) दए रहल छी। जे केओ गोटे पूरा करताह। हुनका इ पाँति रचनाक रूपमे सौंपि देल जेतन्हि। इ पाँति एना अछि---------

टिटही टेकलक अकासकेँ

मात्रा क्रम----दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व + दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ+ ह्रस्व-दीर्घ
· · · 20 April at 14:05

    • Amit Mishra pantik bhav samajh me nai aayel . . . . . . . . . . .ona sundar

    • Ashish AnchinharAmit Mishra---टिटही एकटा पातर-दुब्बर चिड़ैया होइत छै जे सुतबा कालमे अपन टाँग उपर कए लैत छै ओकरा बुझाइत छै जे जखन अकास खसतै तँ पूरा अकास ओकर टाँग पर अटकि जेतै। आ संसार बचि जेतै। मैथिलीमे ई मोहावरा ओहन अयोग्य लेल होइत छै जे कए तँ किछु नै पाबै छै मुदा ओकरा बुझाइत छै जे हम नै रहबै तँ संसार चलबे नै करतै।....

    • Amit Mishra titahi tekalak akaske . . . Asagar jeet let taske
      Saturday at 11:25 via Mobile · · 1

    • Amit Mishra angur ek ke t kaj chhai . . . Chhai balagar damagar baske
      Saturday at 11:33 via Mobile · · 1

    • Amit Mishra गजल

      टिटही टेकलक अकासके
      असगर जीत लेत तासके

      आँङुर एक के त' काज छै
      छै बलगर दमगर बासके

      एहन लोक आश तोड़ि दै
      बाबा बनल मोह पाशके

      छै मानव जँ राम काज की
      पाथर पूजि दिन उपासके

      केवल कर्म मात्र अपन छै
      आ छै "अमित" उपज चासके

      दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ-

      अमित मिश्र
      Saturday at 12:08 via Mobile · · 2

    • Ashish Anchinhar vah..............amit ji.

    • मिहिर झा टिटही टेकलक अकासकेँ
      गरमी मिटेलक पियासकें
      आत्मविश्वास जे तोड़ल सीमा
      घमंड नुकेलक विश्वासकें
      Saturday at 14:42 · · 2

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों