Wednesday, 2 May 2012

गजलक इस्कूल भाग-41

Paanti poora kayal jao
Sadikhan aheen dheaan me rahlaun humar
IIUI IIUI IIUI

· · · 18 April at 23:04 via Mobile

    • मिहिर झा सदिखन आहीं ध्यान मे रहलहु हमर
      चुपचाप किया ध्यान चोरा लेलहु हमर

    • Amit Mishra sadikhan aheen dheaan me rahalaun hamar. . . . .ki mon me yau nam k likhalaun hamar

    • Amit Mishra kalhi sochab . . .subh ratri

    • Om Prakash Jha Shubh ratri.

    • Amit Mishra गजल

      सदिखन अहीँ धेआन मे रहलौँ हमर
      कखनो अहाँ धेआन मे रमलौँ हमर

      शोणित अपन देलौँ जड़ा लिखलौँ गजल
      की पाँति एको प्रेम मे रचलौँ हमर

      नै थाह भेटल कोन घर छै प्रेम यै
      कहने छलौँ जे झूठ सन कहलौँ हमर

      छी कल्पना मे रूप फोटो छापने
      की दिल सँ एक्को बेर मन गमलौँ हमर

      छी ठेठ हम भाषा हमर बूझलौँ कहू
      की "अमित" नेहक भाव के पढ़लौँ हमर

      {मुस्तफइलुन
      2212 तीन बेर सब पाँति मे}
      बहरे-रजज

      अमित मिश्र
      19 April at 09:12 via Mobile · · 3

    • Om Prakash Jha Vaah Amit ji. Mon khush ka delaun.

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों