Friday, 2 March 2012

गजलक इस्कूल भाग-8

गजलक एकटा पाँति दए रहल छी। जे केओ गोटे साँझ ७ बजे धरि पूरा करताह। हुनका इ पाँति रचनाक रूपमे सौंपि देल जेतन्हि। इ पाँति एना अछि-----

डेगे-डेग ओ जमीन नापि रहल

सरल वार्णिक बहर---१३ अक्षर
· · · 2 February at 11:13
    • मिहिर झा डेगे-डेग ओ जमीन नापि रहल
      पिछला ग़लती मैटे झॉपि रहल
    • Hemant Jha ‎....lagaiye jena aasman jameen par aabi gel......aaor iee dekhi bhagjogni naachi rahal !
    • Ashish Anchinhar हेमंत जी काफिया गड़बड़ा गेल अछि ओना भाव नीक ..
    • मिहिर झा लगा के पैघ त्रिपुन्ड चानन टीका
      पापी आब भागवत बॉचि रहल
    • Ashish Anchinhar BHUT NEEK MIHIR BHAI... HAMRA MONK BAT LIKHLANHU..
    • Ashish Anchinhar मुदा मिहिर भाइ काफिया नै भेल। मैथिली उच्चरणकेँ हिसाब सँ नापि आ झाँपि ठीक छै कारण दूनू शब्दक अंत मे प छै आ ताहिसँ पहिने इ कार छै आ एकर उच्चरण हेतै नाइप आ झाँइप तँ काफिया लेल एहन शब्द ताकू जाहिमे प अंतमे होइ एवं ताहि सँ पहिने इ कार होइ..
    • मिहिर झा लागल पैघ त्रिपुन्ड चानन टीका
      आडंबर देखि धर्मो कॉपि रहल
    • Ashish Anchinhar vah...vah...vah...vah
    • Amit Mishra डेगे-डेग ओ जमीन नापि रहल ,
      कतS बिछाबी आसन भाँपि रहल ,

      जनता कए ठगबाक लेल देखू ,
      राम नामक राग अलापि रहल ,

      भूत आ चाची कए डाईन बता क' ,
      बेचना सँ रूपैया हड़पि रहल ,

      साँझ ओकर डेरा पर गेलौँ देखू ,
      मांस मदिरा लुंगी सँ झाँपि रहल ,

      कने पाखंडी जे हम कहि देलियै ,
      देखू "अमित" कए शरापि रहल ,

      आइ पकड़लक जखन पुलिस ,
      देखू कोना थर-थर काँपि रहल . . . । ।

      अमित मिश्र
      2 February at 12:50 via Mobile · · 8
    • Ashish Anchinhar वाह अमित जी बहुत नीक । खाली तेसर शेरक काफिया कने सुधारि लिअ। प ताहि साँ पहिने इकार आ ताहि सँ पहिने आ कार होबाक चाही। जे की हड़पि मे नै छै।
    • मिहिर झा Bahut Sundar Amit Ji
    • Ashish Anchinhar OM PRAKASH BHAI AA MIHIR BHAI SAN AAGRH JE O AAB AMIT JI KE MARGDARSHN KARABATHI...
    • Amit Mishra sach kahun ta hamra ohi tham kono upyukt kafiya nai bhetal . . . . . . ..ona o sher k chodi ka chalal ja sakai yai . . . . Ham kosis ka rahal chi pura karwak
      2 February at 12:56 via Mobile · · 2
    • मिहिर झा Amit ji, ahan ena likh sakait chhee " भूत आ चाची कए डाईन बता क' ,
      बालचन सँ रूपैया छापि रहल ,"
    • Amit Mishra mihir ji e kafiya upyukt hetai . . . Bahut badiya . . . . . . . . .
      2 February at 13:00 via Mobile · · 3
    • Amit Mishra तेसर शेर कए बदलि मिहिर जीक कहल काफिया सँ दोबारा लिख रहल छी 1 1 1

      भूत आ चाची कए डाईन बता क' ,
      जोतषी बनि रूपैया छापि रहल .।
      2 February at 13:11 via Mobile · · 5
    • Ashish Anchinhar VAJH AMIT JI.... LAGATAR LIKHAIT RHOO....
    • Ashish Anchinhar AA ANCHINHAR AKHAR KE MADHYME GAJAL KE AAGOO BADHAU...
    • Amit Mishra GAJAL TA HAMRA LIKA NAI ABAI CHAL LEKIN AHAN KAHLA PAR HAM ANCHINHAR AAKHAR PAR AHAN LIKAL GAJAK PARICHEY PADHLAUN TAHKR BAD GAJLAK BARIKI SAMAJH ME ELAI . . . . . . . GAJAL LIKHWAK KOSIS KA RAHAL CHI . . . . . . .MAITHILI BHASHA KAHIYO PADHLAUN NAI . . . TAIYO SAFALTA BHETAL . . . . TAHI AHANK SANG SAB GOTA K HARDHIK HARDIK DHANYAWAD . . , HAM SDA APNEK AABHARI RAHAB
      2 February at 13:17 via Mobile · · 4
    • Ashish Anchinhar चलू अहाँक सफलता हमरा लोकनिक सफलता भेल.... एनाहिते लिखैत रहू
    • Om Prakash Jha Vaah Amit Bhai. Mon khush bha gel. Dandanait rahu aa ehina likhait rahu. Hum sab appan buddhik motaabik ahaank sang dait rahab a
      2 February at 13:49 via Mobile · · 4
    • Om Prakash Jha Ashish bhai lel
      Ena je ahaan rasta dekhbait rahbay.
      Nischite itihaas banbait rahbay.
      Anchinhaar nai rahat gajal aab,
      Sab ken aheena je sikhbait rahbay.
      Varn 14 saral vaarnik.
      2 February at 13:59 via Mobile · · 7

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों