Thursday, 1 March 2012

गजल


गीत किनका जरे गेबै इ तोंही कह
भास किनका जरे देबै इ तोंही कह

नजरि भरि देखलहुँ हुनका अन्हारेमे
आब डिबिया किए लेबै इ तोहीं कह

गुजरि जाएत बिच्चे बाट नै देखत
मीत की एहने हेतै इ तोंही कह

नै छलै ओकरा लग प्रेम की करु
असगरें हम कते देबै इ तोंही कह

अनचिन्हारे तँ छै संसारमे ओ सभ
केकरा संग हम जेबै इ तोंही कह


फाइलातुन-मफाईलुन-मफाईलुन( मनेदीर्घ-ह्स्व-दीर्घ-दीर्घ+ह्स्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ+ह्स्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ) केरसंयोगसँ बनल बहरे मुशाकिल।

1 comment:

  1. Ashish Anchinhar
    गजल

    दोख हम केकरा देबै इ तोहीं कह
    आब किनका जरे जीबै इ तोहीं कह

    नजरि भरि देखलहुँ हुनका अन्हारेमे
    आब डिबिया किए लेबै इ तोहीं कह

    गुजरि जाएत बिच्चे बाट नै देखत
    मीत की एहने हेतै इ तोहीं कह

    नै छलै ओकरा लग प्रेम की करु
    असगरें हम कते देबै इ तोहीं कह

    अनचिन्हारे तँ छै संसारमे ओ सभ
    केकरा संग हम जेबै इ तोहीं कह

    Jan Anand Mishra आब किनका जरे जीबै इ तोहीं कह
    aime "jare"k prayog humra abhbhut kelak aichh !

    नै छलै ओकरा लग प्रेम की करु
    असगरें हम कते देबै इ तोहीं कह
    Undhairj kiye hoichhi, dait rahiyau !
    Thursday at 11:35 · Unlike · 1

    Gunjan Shree baut nik rachna...
    Thursday at 11:39 · Unlike · 1

    आनंद मिश्र 'मिथिलानंद' mast guru ji
    Thursday at 11:40 via Mobile · Like

    Rashmirathi A Ray Rider अनचिन्हारे तँ छै संसारमे ओ सभ
    केकरा संग हम जेबै इ तोहीं कह...:)
    Thursday at 11:41 · Unlike · 1

    मिहिर झा गुजरि जाएत बिच्चे बाट नै देखत
    मीत की एहने हेतै इ तोहीं कह
    Thursday at 12:30 · Unlike · 1

    Prabhat Ray Bhatt Uyfm नै छलै ओकरा लग प्रेम की करु
    असगरें हम कते देबै इ तोहीं कह bahut neek
    Thursday at 12:51 · Unlike · 1


    Amit Mishra WAH . . KI BAT CHHAI . . .BAHUT SUNDAR
    11 hours ago via Mobile · Like
    Ashish Anchinhar ऐ गजल केर मतलामे किछु गलती छै। हमरो सोह नै रहल आ ने केओ गोटे ऐ पर धेआन दिएलाह। चलू एखनो कहू जे ऐ मे की गलती छै।.
    48 minutes ago · Like

    Prabhat Ray Bhatt Uyfm नजरि भरि देखलहुँ हुनका अन्हारेमे
    आब डिबिया किए लेबै इ तोहीं कह
    e sher me 16 varn achhi muda gajalk varn sankhya 14
    41 minutes ago · Like
    Ashish Anchinhar नै प्रभात जी। इ गजल बर पर छै जकर नाम छै बहरे मुशाकिल इ नियम वर्ण बलासँ अलग छै। से लिखलो छै गजल केँ निच्चा गलती जे भेल छै से काफिया मे भेल छै।...
    36 minutes ago · Like · 1

    Anil Mallik ‎"Ham' galti ta nai bata sakab muda padhait rahab sb comment apan gyanbardhan k lel
    31 minutes ago · Like
    Ashish Anchinhar इ कोनो नीक गप्प नै अनिल जी। गलती बतेने लोक खराप नै बनि जाइत छै। आ हमरा बुझने जँ गजलकेँ उपर उठेबाक अछि तँ एक दोसराक गलतीकेँ बताबए पड़त। ओना हम स्पष्ट कही जे अहाँक कथन पर जँ लोक अमल करए लागै तँ जीवनमे उन्नति संभव नै।..
    28 minutes ago · Like · 2

    Anil Mallik nai nai...hmr kahab je hmra pata nai chalal..ona antim panti k "ham" me "ye" swar k ingit kelahu...se kahal , bujhabay me asafal bhelahu sayad hm
    24 minutes ago · Unlike · 2

    ShantiLakshmi Choudhary pahil shair ke dosar paati me kaafiaak galati chhai....jibai me ee chhai okaraa ea howaak chaahi
    24 minutes ago · Unlike · 5

    Om Prakash Jha Neek discussion. Gajalak lel uttam.
    21 minutes ago via Mobile · Unlike · 4
    Ashish Anchinhar शांति जी बिलकुल सही कहलखिन्ह अछि। हमरा खुशी अछि जे शांति जी एहि गलतीकेँ देखलथि। काफिया प्रकरणमे बलाघात बला काफियाक नियम विरुद्ध छै। इ बलाघात केँ हिसाबें। पहिल दीर्घपर आघात पड़ै छै। आ वहए मात्रा ठीक ओहीठाम अएबाक चाही। तँए देबै केँ काफिया जेबै नै भए सकैए। सभ गोटेसँ आग्रह जे ओ एहि पर धेआन देथि।...
    18 minutes ago · Like · 3

    मिहिर झा दोख रहित निर्माण ईश्वर करैत छथि | मनुख के निर्माण मे दोख अवश्यंभावी छैक | कनिक दोख रहला पर रचना के नजरि नहि लगैत छैक | सन्गहि आलोचक लेल किछु जगह रहनाइ ज़रूरी छैक |
    17 minutes ago · Unlike · 4
    Ashish Anchinhar अहाँ सही कहलहुँ मिहिर भाइ मुदा जहाँ धरि संभव हो बिना दोषक रचना करबाक चाही। आ जँ केओ दोष बताबथि तँ ओहि पर धेआन हम सभ सेहो दी। भगवान दुनियाँ नै छथिन्ह। मनुखे दोषरहित बनि भगवानक पद प्राप्त करै छथि।...
    14 minutes ago · Like · 2
    Ashish Anchinhar एहि गजलकेँ आब एना देखल जाए----

    गीत किनका जरे गेबै इ तोंही कह
    भास किनका जरे देबै इ तोंही कह

    नजरि भरि देखलहुँ हुनका अन्हारेमे
    आब डिबिया किए लेबै इ तोहीं कह

    गुजरि जाएत बिच्चे बाट नै देखत
    मीत की एहने हेतै इ तोंही कह

    नै छलै ओकरा लग प्रेम की करु
    असगरें हम कते देबै इ तोंही कह

    अनचिन्हारे तँ छै संसारमे ओ सभ
    केकरा संग हम जेबै इ तोंही कह

    फाइलातुन-मफाईलुन-मफाईलुन ( मने दीर्घ-ह्स्व-दीर्घ-दीर्घ+ह्स्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ+ह्स्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ ) केर संयोगसँ बनल बहरे मुशाकिल।
    6 minutes ago · Like · 3

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों