Friday, 2 March 2012

गजलक इस्कूल भाग-12

बस खाली करोट फेरि रहल छी......
· · · 19 February at 02:00 via Mobile
    • Maithili Singerclub maithili vidyapati geet sunu neend aibe jaite
    • Ashish Anchinhar केना सुनू मोन कोनो काजमे नै लागि रहल अछि हमर
    • Ashutosh Mishra AAb t paraat bha gel yau...
    • Amit Mishra बस खाली करोट फेरि रहल छी ,
      आइ ककरो मोन पाड़ि रहल छी ,

      तेज साँसक कोदारि सँ आइ हम ,
      यादिक सक्कत माटि कोरि रहल छी ,

      तरेगणक बीच बैसल चान सँ ,
      पहिले जेकाँ डोर जोड़ि रहल छी ,

      अन्हारक बीच कुकुरक आवाज सँ ,
      रहि-रहि क' ध्यान तोड़ि रहल छी .

      कत्तौ-कत्तौ जुगनू चमकी उठै छै .
      नै एला प्रिय , आह छोड़ि रहल छी ,

      राति जुआन बुढ़ सब भेलै देखू ,
      ओ औता ,हिम्मत नै हारि रहल छी ,

      आइ नै त' काल्हि जरूर औता प्रिय ,
      यैह सोचि ओछेना छोड़ि रहल छी . . . । ।

      क्षमा चाहब अहाँक आदेश नै छल लिखै के मुदा पाँति हमरा नीक लागल आ हमरा सँ लिखा गेल ।

      अमित मिश्र
    • Ashish Anchinhar Neek kaaj me aadesh ke kono jarurati nahi. Bahut neek gajal banal achi. Muda kafiya garabrayal bujhaiya. Okara durst kay leb.
    • Amit Mishra kon tham grbrayal achi हमरा हिसाब सँ पाड़ि आ हारि नै हेबाक चाही । जौँ और कत्तौ छै त बताबू
    • Amit Mishra बस खाली करोट फेरि रहल छी ,
      ककरो दिश मोन मोड़ि रहल छी ,

      राति जुआन बुढ़ सब भेलै देखू ,
      ओ औता ,विश्वास नै तोड़ि रहल छी
    • Ashish Anchinhar अमित जी। नीक गजल। हमरा बुझने बाद आब अहाँ ओमप्रकाश जीक बाद दोसर स्थानपर आबि रहल छी। मुदा जेना की भोरे हम किछु काफिया संबंधमे कहने रही। मैथिलीमे "इ''कार आ "उ'कार संग रेफ बला काफियापर बेसी धेआन देबए पड़ैत छै। हम एहिठाम अहाँ बला गजलकेँ दू रूपमे राखि रहल छी। आशा अछि जे एकरा देखलाक बाद काफियापर अहाँ बेसी पकड़ि हएत। मैथिलीमे "र" आ "ड़" केर उच्चारण समान मानू।

      १)

      सोहसँ अपनाकेँ घेरि रहल छी
      बस खाली करोट फेरि रहल छी

      तरेगन बीच बैसल चानक संग
      प्रीतक गीत हम टेरि रहल छी

      ओ देलन्हि सराप प्रणामक बाद
      तँए हम आँखि तरेड़ि रहल छी

      आइ ने काल्हि जरूर एता अमित
      आसे नोरकेँ अबडेरि रहल छी

      वर्ण--१३
      २)
      हम नोरमे हँसी घोरि रहल छी
      प्रेममे सभकेँ हम बोरि रहल छी

      तेज श्वासक कोदारिसँ आइ हम
      कोन सक्कत माटि कोड़ि रहल छी

      भगजोगनी चमकल अन्हारमे
      आब हाथसँ हाथ जोड़ि रहल छी

      आब नै एता अमित हमरा लग
      तँए तँ इ दुनियाँ छोड़ि रहल छी

      मुदा एहिठाम मोन राखू जे दीर्घ "ई"कार बला काफिया लेल मात्र साधारण निअम छै तँए "छोड़ी" केँ काफिया "फेरी" बनि सकैए।



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