Monday, 14 January 2013

बाल गजल

बाल गजल-82

कान्हपर बड पैघ झोरा लऽ पण्डित जी
कतऽसँ आबथि माँथ मोटा लऽ पण्डित जी

तिलक छै लागल कने माँथ बीचसँ आ
फेर दहिना आथ वामाँ लऽ पण्डित जी

झटकि चलथि मटकि रहलै हुनक नैना
धोधि एहन चलथि तौला लऽ पण्डित जी

आँखि केने बन्न बैसल जखन कखनो
जाप तखने करथि माला लऽ पण्डित जी

भोजमे खेलथि दही भरल तौला ओ
दू किलो घर लेल चूरा लऽ पण्डित जी

हित करथि सबहक सदति तेँ पुरोहित छथि
हित करब हमहूँ तँ जहिना लऽ पण्डित जी

फाईलातुन-फाईलातुन-मफाईलुन
2122-2122-1222
बहरे-कलीब

अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों