Monday, 14 January 2013

बाल गजल

बाल गजल-76

कुम्हारसँ नया नीक खेलौना आन
घोड़ा गाय हाथीक छै ओतै खान

माँटिक पाइ चुक्का बहुत केरा आम
फूटत शेर गायक पएरो के छान

माँटिक चाँक माटिक सिलेटो आ बोर्ड
तेँ माँ भूमि एतै तँ उपजै छै धान

आबै छै धरा बीचमे लागै ग्रहण
एगो कात सूरज तँ दोसरमे चान

बहुते साल छल दबल धरती तऽर गाछ
तखने बनल ई कोयला कारी खान

आजुक भोरमे खेल कम पढ़बै खूब
एतै तखन हमरो तँ मिथिलाक्षर ज्ञान

मफऊलातु-मुस्तफइलुन-मफऊलातु
2221-2212-2221
बहरे-हमीद

अमित मिश्र


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों