गुरुवार, 31 जनवरी 2013

रुबाइ

रुबाइ-157

देखू भाइ भाइमे तँ मारि फसल छै
बाजा भूक्की बेन सब बन्न पड़ल छै
कलयुग छैक असबार दुनूक माँथपर
तेँ कोखिक इज्जत तँ बेकार बनल छै

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों