Monday, 14 January 2013

बाल गजल

बाल गजल-83

उपहार लेने तँ आबै पावनि कते
हँसनाइ सदिखन सिखाबै पावनि कते

टिकरी बनै आ बनै पेड़ा परिकिया
तेँ लेर सबहक चुआबै पावनि कते

फूटै कतौ फट्टका आ अरिपन बनै
घरमे बगैचा सजाबै पावनि कते

सब लोक आबैछ पावनिमे घर अपन
बिछुरल अपनकेँ मिलाबै पावनि कते

नव रंगमे सजल आँगन लागै "अमित"
नेनाक छुट्टी बनाबै पावनि कते

मुस्तफइलुन-फाइलातुन-मुस्तफइलुन
2212-2122-2212
बहरे-सगीर

अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों